मेष वार्षिक राशिफल
आपकी चंद्र राशि के लिए दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल।
2026
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सार
★★★★★2026 सोच-समझकर निर्माण करने का वर्ष है: धीमे ग्रह परीक्षा ले रहे हैं, इसलिए जो है उसे सुरक्षित रखें और कदम-दर-कदम बढ़ें। वर्ष की शुरुआत में गुरु आपके तीसरे भाव में, शनि बारहवें भाव में और राहु ग्यारहवें भाव में हैं।
गुरु (बृहस्पति)
★★★★★आपके तीसरे भाव में गुरु साहस, छोटी यात्राओं और भाई-बहनों के मामलों में धीमे फल देंगे; धैर्य रखें और सीखते रहें। 2 जून से: आपके चौथे भाव में गुरु घर, सुख-सुविधा और माता के मामलों में धीमे फल देंगे; धैर्य रखें और सीखते रहें। 31 अक्टूबर से: पाँचवें भाव में गुरु संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता के मामलों में ज्ञान और सहयोग देंगे। वहाँ से गुरु की शुभ दृष्टि आपके सातवें, नौवें और ग्यारहवें भाव पर रहेगी। 11 नवंबर 2025 से 11 मार्च तक गुरु वक्री रहेंगे; यह विस्तार नहीं, समीक्षा का समय है। 13 दिसंबर से 13 अप्रैल 2027 तक गुरु वक्री रहेंगे; यह विस्तार नहीं, समीक्षा का समय है।
शनि
★★★★★साढ़े साती चल रही है (पहला चरण): यह 29 मार्च 2025 को शुरू हुई और 31 मई 2032 को समाप्त होगी। ज़्यादा ज़िम्मेदारियाँ न लें, बड़े जोखिम से बचें और दिनचर्या स्थिर रखें; ईमानदार मेहनत का फल फिर भी मिलेगा। आपके दूसरे, छठे और नौवें भाव पर शनि की दृष्टि वहाँ धैर्य माँगती है। 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक शनि वक्री रहेंगे; यह विस्तार नहीं, समीक्षा का समय है।
राहु और केतु
★★★★★राहु आपके ग्यारहवें भाव में और केतु पाँचवें भाव में हैं। ग्यारहवें भाव में राहु आय, लाभ और मित्रों के मामलों में नए विचार और अलग तरह के अवसर देंगे। आपके पाँचवें भाव में केतु संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता के मामलों में उदासीनता दे सकते हैं; जुड़े रहें। 5 दिसंबर से राहु आपके दसवें भाव में और केतु चौथे भाव में जाएँगे।
तिमाही दर तिमाही
पहली तिमाही (जनवरी–मार्च): सूर्य आपके दसवें और ग्यारहवें भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर दसवें भाव में रहेंगे। उत्पादक समय: ज़रूरी काम आगे बढ़ाएँ और जो आपका हक है, वह माँगें। दूसरी तिमाही (अप्रैल–जून): सूर्य आपके पहले और दूसरे भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर पहले भाव में रहेंगे। परीक्षा का समय है; धैर्य और नियमित दिनचर्या से सब संभल जाएगा। 2 जून को गुरु राशि बदलेंगे। तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर): सूर्य आपके तीसरे, चौथे और पाँचवें भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर तीसरे भाव में रहेंगे। कुछ अड़चनों के साथ स्थिर प्रगति; सोच-समझकर योजना बनाएँ और लचीले रहें। चौथी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर): सूर्य आपके छठे, सातवें और आठवें भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर पाँचवें भाव में रहेंगे। मिला-जुला समय है, इसलिए नया शुरू करने से पहले अधूरे काम पूरे करें। 31 अक्टूबर को गुरु राशि बदलेंगे। 5 दिसंबर को राहु राशि बदलेंगे।
करियर और काम
★★★★★आपके दसवें भाव पर गुरु की दृष्टि है, जिससे कार्यक्षेत्र में तरक्की, वरिष्ठों का मार्गदर्शन और प्रतिष्ठा मिलेगी। दिखने वाले कामों में आगे बढ़कर पहल करें; वरिष्ठ आपकी बात सुनेंगे।
आर्थिक स्थिति
★★★★★आपके दूसरे भाव पर शनि की दृष्टि है, इसलिए धन धीरे बढ़ेगा; शॉर्टकट से बचें और लंबी बचत को न छेड़ें। राहु आपके ग्यारहवें भाव में हैं, जिससे अचानक लाभ भी हो सकता है और लुभावने जोखिम भी आएँगे; जल्दी अमीर बनाने वाली योजनाओं से बचें। शर्तें ध्यान से पढ़ें और ज़बानी भरोसे पर उधार न लें, न दें।
रिश्ते और परिवार
★★★★★आपका सातवाँ भाव भारी प्रभावों से मुक्त है, इसलिए रिश्ते आपकी कोशिश के अनुसार चलेंगे। अपने रिश्ते की तुलना दूसरों से न करें; आलोचना से बेहतर सराहना रहेगी।
स्वास्थ्य
★★★★★आपकी राशि पर किसी भारी ग्रह का दबाव नहीं है; नियमित दिनचर्या से सेहत ठीक रहेगी। छोटी चोट, गर्मी और तनाव से सावधान रहें; जल्दबाज़ी न करें।
अच्छे और सावधानी के महीने
सबसे अच्छे महीने: फ़रवरी (सूर्य ग्यारहवें भाव में, मंगल दसवें भाव में), मार्च (सूर्य ग्यारहवें भाव में, मंगल ग्यारहवें भाव में) और जुलाई (सूर्य तीसरे भाव में, मंगल दूसरे भाव में)। सावधानी के महीने: जून (सूर्य दूसरे भाव में, मंगल पहले भाव में) और दिसंबर (सूर्य आठवें भाव में, मंगल पाँचवें भाव में)।
उपाय
हर मंगलवार को अपने राशि-स्वामी मंगल का मंत्र “ॐ अंगारकाय नमः” 108 बार जपें और उसी दिन किसी ज़रूरतमंद को मसूर की दाल दान करें। जब तक शनि का दबाव है, शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ना और श्रमिकों या बुज़ुर्गों की मदद करना परंपरा से शुभ माना गया है। गुरु को मज़बूत करने के लिए शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करें और गुरुवार को पीली वस्तु का दान करें। उपाय मेहनत का साथ देते हैं, उसकी जगह नहीं लेते।
मुख्य तिथियाँ
- बुधवार, 11 मार्च (सूचना): गुरु आपके तीसरे भाव में मार्गी होंगे।
- मंगलवार, 2 जून (सूचना): गुरु आपके चौथे भाव (घर, सुख-सुविधा और माता) में प्रवेश करेंगे।
- सोमवार, 27 जुलाई (सावधानी): शनि आपके बारहवें भाव में वक्री होंगे।
- शनिवार, 31 अक्टूबर (अनुकूल): गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता) में प्रवेश करेंगे।
- शनिवार, 5 दिसंबर (सूचना): राहु आपके दसवें भाव (करियर और प्रतिष्ठा) में प्रवेश करेंगे।
- शुक्रवार, 11 दिसंबर (सूचना): शनि आपके बारहवें भाव में मार्गी होंगे।
- रविवार, 13 दिसंबर (सावधानी): गुरु आपके पाँचवें भाव में वक्री होंगे।
आपकी चंद्र राशि से ग्रहों की वर्तमान स्थिति (गोचर) के आधार पर। अपनी कुंडली के अनुसार सलाह के लिए ज्योतिषी से पूछें। समय नई दिल्ली (IST) के अनुसार हैं।
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