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कुंभ वार्षिक राशिफल

आपकी चंद्र राशि के लिए दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल।

2026

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सार

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2026 मिले-जुले परिणामों का वर्ष है: कुछ क्षेत्र खुलेंगे और कुछ में धैर्य चाहिए, इसलिए सही समय का चुनाव अहम है। वर्ष की शुरुआत में गुरु आपके पाँचवें भाव में, शनि दूसरे भाव में और राहु पहले भाव में हैं।

गुरु (बृहस्पति)

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आपके पाँचवें भाव में गुरु संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता के मामलों में शुभ फल देंगे; यह आगे बढ़ने का समय है। 2 जून से: आपके छठे भाव में गुरु दैनिक काम और प्रतिस्पर्धा के मामलों में धीमे फल देंगे; धैर्य रखें और सीखते रहें। 31 अक्टूबर से: सातवें भाव में गुरु विवाह और साझेदारी के मामलों में ज्ञान और सहयोग देंगे। वहाँ से गुरु की शुभ दृष्टि आपके नौवें, ग्यारहवें और पहले भाव पर रहेगी। 11 नवंबर 2025 से 11 मार्च तक गुरु वक्री रहेंगे; यह विस्तार नहीं, समीक्षा का समय है। 13 दिसंबर से 13 अप्रैल 2027 तक गुरु वक्री रहेंगे; यह विस्तार नहीं, समीक्षा का समय है।

शनि

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साढ़े साती चल रही है (अंतिम चरण): यह 24 जनवरी 2020 को शुरू हुई और 23 फ़रवरी 2028 को समाप्त होगी। ज़्यादा ज़िम्मेदारियाँ न लें, बड़े जोखिम से बचें और दिनचर्या स्थिर रखें; ईमानदार मेहनत का फल फिर भी मिलेगा। आपके चौथे, आठवें और ग्यारहवें भाव पर शनि की दृष्टि वहाँ धैर्य माँगती है। 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक शनि वक्री रहेंगे; यह विस्तार नहीं, समीक्षा का समय है।

राहु और केतु

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राहु आपके पहले भाव में और केतु सातवें भाव में हैं। पहले भाव में राहु स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामलों को असल से बेहतर या बदतर दिखा सकते हैं; कदम से पहले पुष्टि करें। आपके सातवें भाव में केतु विवाह और साझेदारी के मामलों में उदासीनता दे सकते हैं; जुड़े रहें। 5 दिसंबर से राहु आपके बारहवें भाव में और केतु छठे भाव में जाएँगे।

तिमाही दर तिमाही

पहली तिमाही (जनवरी–मार्च): सूर्य आपके बारहवें और पहले भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर बारहवें भाव में रहेंगे। कुछ अड़चनों के साथ स्थिर प्रगति; सोच-समझकर योजना बनाएँ और लचीले रहें। दूसरी तिमाही (अप्रैल–जून): सूर्य आपके तीसरे और चौथे भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर तीसरे भाव में रहेंगे। गति आपके साथ है; नई शुरुआत, साक्षात्कार और पारिवारिक आयोजनों के लिए अच्छा। 2 जून को गुरु राशि बदलेंगे। तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर): सूर्य आपके पाँचवें, छठे और सातवें भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर पाँचवें भाव में रहेंगे। कुछ अड़चनों के साथ स्थिर प्रगति; सोच-समझकर योजना बनाएँ और लचीले रहें। चौथी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर): सूर्य आपके आठवें, नौवें और दसवें भाव से गुज़रेंगे और मंगल ज़्यादातर सातवें भाव में रहेंगे। मिला-जुला समय है, इसलिए नया शुरू करने से पहले अधूरे काम पूरे करें। 31 अक्टूबर को गुरु राशि बदलेंगे। 5 दिसंबर को राहु राशि बदलेंगे।

करियर और काम

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आपके दसवें भाव पर गुरु की दृष्टि है, जिससे कार्यक्षेत्र में तरक्की, वरिष्ठों का मार्गदर्शन और प्रतिष्ठा मिलेगी। दिखने वाले कामों में आगे बढ़कर पहल करें; वरिष्ठ आपकी बात सुनेंगे।

आर्थिक स्थिति

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आपके दूसरे भाव पर गुरु की दृष्टि है, जो धैर्य से निवेश करने पर आय और बचत बढ़ने का संकेत है। शनि आपके दूसरे भाव में हैं, इसलिए धन धीरे बढ़ेगा; शॉर्टकट से बचें और लंबी बचत को न छेड़ें। सौदे, मोलभाव और कागज़ी काम आपके पक्ष में रहेंगे; तय करने से पहले दाम ज़रूर मिलाएँ।

रिश्ते और परिवार

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केतु आपके सातवें भाव में हैं, जिससे अपनों को आप दूर-दूर लग सकते हैं; मन की बात कहें। अपने रिश्ते की तुलना दूसरों से न करें; आलोचना से बेहतर सराहना रहेगी।

स्वास्थ्य

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राहु आपके पहले भाव में हैं, इसलिए अनियमित आदतों का असर जल्दी दिखेगा; नींद ठीक रखें और अपने मन से दवा न लें। छोटी चोट, गर्मी और तनाव से सावधान रहें; जल्दबाज़ी न करें।

अच्छे और सावधानी के महीने

सबसे अच्छे महीने: अप्रैल (सूर्य तीसरे भाव में, मंगल दूसरे भाव में), मई (सूर्य तीसरे भाव में, मंगल तीसरे भाव में) और दिसंबर (सूर्य दसवें भाव में, मंगल सातवें भाव में)। सावधानी के महीने: जुलाई (सूर्य पाँचवें भाव में, मंगल चौथे भाव में) और अक्टूबर (सूर्य आठवें भाव में, मंगल छठे भाव में)।

उपाय

हर शनिवार को अपने राशि-स्वामी शनि का मंत्र “ॐ शनैश्चराय नमः” 108 बार जपें और उसी दिन किसी ज़रूरतमंद को काले तिल या सरसों का तेल दान करें। जब तक शनि का दबाव है, शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ना और श्रमिकों या बुज़ुर्गों की मदद करना परंपरा से शुभ माना गया है। राहु के लिए वचन निभाएँ, नशे से दूर रहें और पक्षियों को दाना डालें। उपाय मेहनत का साथ देते हैं, उसकी जगह नहीं लेते।

मुख्य तिथियाँ

  • बुधवार, 11 मार्च (सूचना): गुरु आपके पाँचवें भाव में मार्गी होंगे।
  • मंगलवार, 2 जून (सूचना): गुरु आपके छठे भाव (दैनिक काम और प्रतिस्पर्धा) में प्रवेश करेंगे।
  • सोमवार, 27 जुलाई (सावधानी): शनि आपके दूसरे भाव में वक्री होंगे।
  • शनिवार, 31 अक्टूबर (अनुकूल): गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में प्रवेश करेंगे।
  • शनिवार, 5 दिसंबर (सूचना): राहु आपके बारहवें भाव (खर्च, नींद और दूर के स्थानों) में प्रवेश करेंगे।
  • शुक्रवार, 11 दिसंबर (सूचना): शनि आपके दूसरे भाव में मार्गी होंगे।
  • रविवार, 13 दिसंबर (सावधानी): गुरु आपके सातवें भाव में वक्री होंगे।

आपकी चंद्र राशि से ग्रहों की वर्तमान स्थिति (गोचर) के आधार पर। अपनी कुंडली के अनुसार सलाह के लिए ज्योतिषी से पूछें। समय नई दिल्ली (IST) के अनुसार हैं।

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