पंचांग
किसी भी तारीख़ और शहर का हिंदू पंचांग।
बुधवार · 11 नवंबर 2026 · Delhi
द्वितीया, शुक्ल पक्ष
कार्तिक (पूर्णिमांत) · कार्तिक (अमांत)
विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी · शक संवत 1948 पराभव
- सूर्योदय
- 6:40 am
- सूर्यास्त
- 5:30 pm
- चंद्रोदय
- 8:36 am
- चंद्रास्त
- 6:38 pm
पंचांग के पाँच अंग
आज के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक हर अंग, और वह कब तक रहता है।
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- तिथि
- द्वितीया · 3:54 pm तक
- तृतीया · 6:10 pm, 12 नव॰ तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · 11:38 am तक
- ज्येष्ठा · 2:19 pm, 12 नव॰ तक
- योग
- अतिगंड · 3:41 am, 12 नव॰ तक
- सुकर्मा · 4:27 am, 13 नव॰ तक
- करण
- कौलव · 3:54 pm तक
- तैतिल · 4:59 am, 12 नव॰ तक
- गर · 6:10 pm, 12 नव॰ तक
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:55 am – 5:48 am
- प्रातः संध्या
- 5:21 am – 6:40 am
- अभिजीत मुहूर्त
- बुधवार को नहीं माना जाता
- विजय मुहूर्त
- 1:53 pm – 2:36 pm
- गोधूलि मुहूर्त
- 5:30 pm – 5:56 pm
- सायाह्न संध्या
- 5:30 pm – 6:49 pm
- निशिता मुहूर्त
- 11:39 pm – 12:32 am, 12 नव॰
- अमृत काल
- 4:32 am, 12 नव॰ – 6:19 am, 12 नव॰
- सर्वार्थ सिद्धि योग
- 6:40 am – 11:38 am
- अमृत सिद्धि योग
- 6:40 am – 11:38 am
अशुभ समय
नया काम शुरू करने से बचें
- राहु काल
- 12:05 pm – 1:26 pm
- यमगंड
- 8:02 am – 9:23 am
- गुलिक काल
- 10:44 am – 12:05 pm
- दुर्मुहूर्त
- 11:43 am – 12:27 pm
- वर्ज्य काल
- 5:52 pm – 7:39 pm
- भद्रा
- आज नहीं
- विडाल योग
- 11:38 am से अगले सूर्योदय तक
- बाण
- चोर · 6:40 am – 8:31 pm
संवत, मास और ऋतु
- विक्रम संवत
- 2083 सिद्धार्थी
- शक संवत
- 1948 पराभव
- पूर्णिमांत
- कार्तिक
- अमांत
- कार्तिक
- ऋतु (दृक)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घंटे 49 मिनट
- रात्रिमान
- 13 घंटे 12 मिनट
- मध्याह्न
- 12:05 pm
राशि और नक्षत्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक · 2:19 pm, 12 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्य नक्षत्र
- विशाखा चरण 2
- चंद्र नक्षत्र के चरण
- अनुराधा चरण 4 · 11:38 am तक
- ज्येष्ठा चरण 1 · 6:17 pm तक
- ज्येष्ठा चरण 2 · 12:56 am, 12 नव॰ तक
- ज्येष्ठा चरण 3 · 7:37 am, 12 नव॰ तक
चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल
जिन जन्म राशियों के लिए आज का चंद्रमा अनुकूल है।
अगले सूर्योदय तक शुभ
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ
मेष राशि वालों के लिए अष्टम चंद्र
ताराबल
जिन जन्म नक्षत्रों के लिए आज का नक्षत्र अनुकूल है।
11:38 am तक शुभ
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्व भाद्रपद, रेवती
अगले सूर्योदय तक शुभ
अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद
चौघड़िया
दिन और रात आठ-आठ भागों में। हरा शुभ, लाल से बचें; चर यात्रा के लिए ठीक है।
| 6:40 am – 8:02 am | लाभ |
| 8:02 am – 9:23 am | अमृत |
| 9:23 am – 10:44 am | काल |
| 10:44 am – 12:05 pm | शुभ |
| 12:05 pm – 1:26 pm | रोग |
| 1:26 pm – 2:47 pm | उद्वेग |
| 2:47 pm – 4:08 pm | चर |
| 4:08 pm – 5:30 pm | लाभ |
| 5:30 pm – 7:09 pm | उद्वेग |
| 7:09 pm – 8:47 pm | शुभ |
| 8:47 pm – 10:26 pm | अमृत |
| 10:26 pm – 12:05 am, 12 नव॰ | चर |
| 12:05 am, 12 नव॰ – 1:44 am, 12 नव॰ | रोग |
| 1:44 am, 12 नव॰ – 3:23 am, 12 नव॰ | काल |
| 3:23 am, 12 नव॰ – 5:02 am, 12 नव॰ | लाभ |
| 5:02 am, 12 नव॰ – 6:41 am, 12 नव॰ | उद्वेग |
होरा
ग्रहों के घंटे: दिन और रात बारह-बारह भागों में, हर भाग का एक स्वामी ग्रह।
| 6:40 am – 7:35 am | बुध |
| 7:35 am – 8:29 am | चंद्र |
| 8:29 am – 9:23 am | शनि |
| 9:23 am – 10:17 am | गुरु |
| 10:17 am – 11:11 am | मंगल |
| 11:11 am – 12:05 pm | सूर्य |
| 12:05 pm – 12:59 pm | शुक्र |
| 12:59 pm – 1:53 pm | बुध |
| 1:53 pm – 2:47 pm | चंद्र |
| 2:47 pm – 3:41 pm | शनि |
| 3:41 pm – 4:35 pm | गुरु |
| 4:35 pm – 5:30 pm | मंगल |
| 5:30 pm – 6:36 pm | सूर्य |
| 6:36 pm – 7:42 pm | शुक्र |
| 7:42 pm – 8:47 pm | बुध |
| 8:47 pm – 9:53 pm | चंद्र |
| 9:53 pm – 10:59 pm | शनि |
| 10:59 pm – 12:05 am, 12 नव॰ | गुरु |
| 12:05 am, 12 नव॰ – 1:11 am, 12 नव॰ | मंगल |
| 1:11 am, 12 नव॰ – 2:17 am, 12 नव॰ | सूर्य |
| 2:17 am, 12 नव॰ – 3:23 am, 12 नव॰ | शुक्र |
| 3:23 am, 12 नव॰ – 4:29 am, 12 नव॰ | बुध |
| 4:29 am, 12 नव॰ – 5:35 am, 12 नव॰ | चंद्र |
| 5:35 am, 12 नव॰ – 6:41 am, 12 नव॰ | शनि |
समय Delhi के अनुसार हैं। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद के समय के साथ तारीख़ दी गई है। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है; चंद्रोदय और चंद्रास्त चंद्रमा के केंद्र के अनुसार हैं।