पंचांग
किसी भी तारीख़ और शहर का हिंदू पंचांग।
शनिवार · 7 नवंबर 2026 · Delhi
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
कार्तिक (पूर्णिमांत) · आश्विन (अमांत)
विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी · शक संवत 1948 पराभव
- सूर्योदय
- 6:37 am
- सूर्यास्त
- 5:32 pm
- चंद्रोदय
- 4:43 am
- चंद्रास्त
- 4:02 pm
पंचांग के पाँच अंग
आज के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक हर अंग, और वह कब तक रहता है।
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- त्रयोदशी · 10:48 am तक
- चतुर्दशी · 11:28 am, 8 नव॰ तक
- नक्षत्र
- चित्रा · 5:53 am, 8 नव॰ तक
- स्वाति · 7:24 am, 9 नव॰ तक
- योग
- प्रीति · 3:28 am, 8 नव॰ तक
- आयुष्मान · 3:03 am, 9 नव॰ तक
- करण
- वणिज · 10:48 am तक
- विष्टि (भद्रा) · 11:05 pm तक
- शकुनि · 11:28 am, 8 नव॰ तक
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:53 am – 5:45 am
- प्रातः संध्या
- 5:19 am – 6:37 am
- अभिजीत मुहूर्त
- 11:43 am – 12:26 pm
- विजय मुहूर्त
- 1:54 pm – 2:37 pm
- गोधूलि मुहूर्त
- 5:32 pm – 5:58 pm
- सायाह्न संध्या
- 5:32 pm – 6:51 pm
- निशिता मुहूर्त
- 11:39 pm – 12:31 am, 8 नव॰
- अमृत काल
- 11:10 pm – 12:51 am, 8 नव॰
- सर्वार्थ सिद्धि योग
- 5:53 am, 8 नव॰ से अगले सूर्योदय तक
अशुभ समय
नया काम शुरू करने से बचें
- राहु काल
- 9:21 am – 10:43 am
- यमगंड
- 1:26 pm – 2:48 pm
- गुलिक काल
- 6:37 am – 7:59 am
- दुर्मुहूर्त
- 6:37 am – 7:21 am7:21 am – 8:05 am
- वर्ज्य काल
- 1:07 pm – 2:47 pm
- भद्रा
- 10:48 am – 11:05 pm · वास: पाताल
- विडाल योग
- 6:37 am – 5:53 am, 8 नव॰
- बाण
- अग्नि · 6:37 am – 8:58 pm
संवत, मास और ऋतु
- विक्रम संवत
- 2083 सिद्धार्थी
- शक संवत
- 1948 पराभव
- पूर्णिमांत
- कार्तिक
- अमांत
- आश्विन
- ऋतु (दृक)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घंटे 55 मिनट
- रात्रिमान
- 13 घंटे 6 मिनट
- मध्याह्न
- 12:05 pm
राशि और नक्षत्र
- चंद्र राशि
- कन्या · 5:15 pm तक
- तुला · 2:48 am, 10 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्य नक्षत्र
- विशाखा चरण 1
- चंद्र नक्षत्र के चरण
- चित्रा चरण 1 · 10:59 am तक
- चित्रा चरण 2 · 5:15 pm तक
- चित्रा चरण 3 · 11:33 pm तक
- चित्रा चरण 4 · 5:53 am, 8 नव॰ तक
- स्वाति चरण 1 · 12:13 pm, 8 नव॰ तक
चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल
जिन जन्म राशियों के लिए आज का चंद्रमा अनुकूल है।
5:15 pm तक शुभ
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
कुंभ राशि वालों के लिए अष्टम चंद्र
अगले सूर्योदय तक शुभ
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
मीन राशि वालों के लिए अष्टम चंद्र
ताराबल
जिन जन्म नक्षत्रों के लिए आज का नक्षत्र अनुकूल है।
5:53 am, 8 नव॰ तक शुभ
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, रेवती
अगले सूर्योदय तक शुभ
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद
चौघड़िया
दिन और रात आठ-आठ भागों में। हरा शुभ, लाल से बचें; चर यात्रा के लिए ठीक है।
| 6:37 am – 7:59 am | काल |
| 7:59 am – 9:21 am | शुभ |
| 9:21 am – 10:43 am | रोग |
| 10:43 am – 12:05 pm | उद्वेग |
| 12:05 pm – 1:26 pm | चर |
| 1:26 pm – 2:48 pm | लाभ |
| 2:48 pm – 4:10 pm | अमृत |
| 4:10 pm – 5:32 pm | काल |
| 5:32 pm – 7:10 pm | लाभ |
| 7:10 pm – 8:48 pm | उद्वेग |
| 8:48 pm – 10:27 pm | शुभ |
| 10:27 pm – 12:05 am, 8 नव॰ | अमृत |
| 12:05 am, 8 नव॰ – 1:43 am, 8 नव॰ | चर |
| 1:43 am, 8 नव॰ – 3:22 am, 8 नव॰ | रोग |
| 3:22 am, 8 नव॰ – 5:00 am, 8 नव॰ | काल |
| 5:00 am, 8 नव॰ – 6:38 am, 8 नव॰ | लाभ |
होरा
ग्रहों के घंटे: दिन और रात बारह-बारह भागों में, हर भाग का एक स्वामी ग्रह।
| 6:37 am – 7:32 am | शनि |
| 7:32 am – 8:26 am | गुरु |
| 8:26 am – 9:21 am | मंगल |
| 9:21 am – 10:16 am | सूर्य |
| 10:16 am – 11:10 am | शुक्र |
| 11:10 am – 12:05 pm | बुध |
| 12:05 pm – 12:59 pm | चंद्र |
| 12:59 pm – 1:54 pm | शनि |
| 1:54 pm – 2:48 pm | गुरु |
| 2:48 pm – 3:43 pm | मंगल |
| 3:43 pm – 4:37 pm | सूर्य |
| 4:37 pm – 5:32 pm | शुक्र |
| 5:32 pm – 6:37 pm | बुध |
| 6:37 pm – 7:43 pm | चंद्र |
| 7:43 pm – 8:48 pm | शनि |
| 8:48 pm – 9:54 pm | गुरु |
| 9:54 pm – 11:00 pm | मंगल |
| 11:00 pm – 12:05 am, 8 नव॰ | सूर्य |
| 12:05 am, 8 नव॰ – 1:11 am, 8 नव॰ | शुक्र |
| 1:11 am, 8 नव॰ – 2:16 am, 8 नव॰ | बुध |
| 2:16 am, 8 नव॰ – 3:22 am, 8 नव॰ | चंद्र |
| 3:22 am, 8 नव॰ – 4:27 am, 8 नव॰ | शनि |
| 4:27 am, 8 नव॰ – 5:33 am, 8 नव॰ | गुरु |
| 5:33 am, 8 नव॰ – 6:38 am, 8 नव॰ | मंगल |
समय Delhi के अनुसार हैं। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद के समय के साथ तारीख़ दी गई है। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है; चंद्रोदय और चंद्रास्त चंद्रमा के केंद्र के अनुसार हैं।