पंचांग
किसी भी तारीख़ और शहर का हिंदू पंचांग।
बुधवार · 4 नवंबर 2026 · Delhi
दशमी, कृष्ण पक्ष
कार्तिक (पूर्णिमांत) · आश्विन (अमांत)
विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी · शक संवत 1948 पराभव
- सूर्योदय
- 6:35 am
- सूर्यास्त
- 5:34 pm
- चंद्रोदय
- 1:47 am
- चंद्रास्त
- 2:31 pm
पंचांग के पाँच अंग
आज के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक हर अंग, और वह कब तक रहता है।
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- तिथि
- दशमी · 11:04 am तक
- एकादशी · 10:36 am, 5 नव॰ तक
- नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी · 3:30 am, 5 नव॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी · 3:56 am, 6 नव॰ तक
- योग
- ब्रह्म · 8:01 am तक
- इंद्र · 6:27 am, 5 नव॰ तक
- वैधृति · 5:10 am, 6 नव॰ तक
- करण
- विष्टि (भद्रा) · 11:04 am तक
- बव · 10:47 pm तक
- बालव · 10:36 am, 5 नव॰ तक
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:51 am – 5:43 am
- प्रातः संध्या
- 5:17 am – 6:35 am
- अभिजीत मुहूर्त
- बुधवार को नहीं माना जाता
- विजय मुहूर्त
- 1:54 pm – 2:38 pm
- गोधूलि मुहूर्त
- 5:34 pm – 6:00 pm
- सायाह्न संध्या
- 5:34 pm – 6:52 pm
- निशिता मुहूर्त
- 11:39 pm – 12:31 am, 5 नव॰
- अमृत काल
- 9:05 pm – 10:42 pm
अशुभ समय
नया काम शुरू करने से बचें
- राहु काल
- 12:05 pm – 1:27 pm
- यमगंड
- 7:57 am – 9:20 am
- गुलिक काल
- 10:42 am – 12:05 pm
- दुर्मुहूर्त
- 11:43 am – 12:27 pm
- वर्ज्य काल
- 11:28 am – 1:04 pm
- भद्रा
- 6:35 am – 11:04 am · वास: पृथ्वी
- बाण
- रोग · 6:35 am – 9:11 pm
संवत, मास और ऋतु
- विक्रम संवत
- 2083 सिद्धार्थी
- शक संवत
- 1948 पराभव
- पूर्णिमांत
- कार्तिक
- अमांत
- आश्विन
- ऋतु (दृक)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घंटे 59 मिनट
- रात्रिमान
- 13 घंटे 2 मिनट
- मध्याह्न
- 12:05 pm
राशि और नक्षत्र
- चंद्र राशि
- सिंह · 9:35 am, 5 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाति चरण 4
- चंद्र नक्षत्र के चरण
- पूर्व फाल्गुनी चरण 1 · 9:26 am तक
- पूर्व फाल्गुनी चरण 2 · 3:26 pm तक
- पूर्व फाल्गुनी चरण 3 · 9:27 pm तक
- पूर्व फाल्गुनी चरण 4 · 3:30 am, 5 नव॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी चरण 1 · 9:35 am, 5 नव॰ तक
चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल
जिन जन्म राशियों के लिए आज का चंद्रमा अनुकूल है।
अगले सूर्योदय तक शुभ
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन
मकर राशि वालों के लिए अष्टम चंद्र
ताराबल
जिन जन्म नक्षत्रों के लिए आज का नक्षत्र अनुकूल है।
3:30 am, 5 नव॰ तक शुभ
अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद
अगले सूर्योदय तक शुभ
भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्व भाद्रपद, रेवती
चौघड़िया
दिन और रात आठ-आठ भागों में। हरा शुभ, लाल से बचें; चर यात्रा के लिए ठीक है।
| 6:35 am – 7:57 am | लाभ |
| 7:57 am – 9:20 am | अमृत |
| 9:20 am – 10:42 am | काल |
| 10:42 am – 12:05 pm | शुभ |
| 12:05 pm – 1:27 pm | रोग |
| 1:27 pm – 2:49 pm | उद्वेग |
| 2:49 pm – 4:12 pm | चर |
| 4:12 pm – 5:34 pm | लाभ |
| 5:34 pm – 7:12 pm | उद्वेग |
| 7:12 pm – 8:49 pm | शुभ |
| 8:49 pm – 10:27 pm | अमृतअभी |
| 10:27 pm – 12:05 am, 5 नव॰ | चर |
| 12:05 am, 5 नव॰ – 1:43 am, 5 नव॰ | रोग |
| 1:43 am, 5 नव॰ – 3:20 am, 5 नव॰ | काल |
| 3:20 am, 5 नव॰ – 4:58 am, 5 नव॰ | लाभ |
| 4:58 am, 5 नव॰ – 6:36 am, 5 नव॰ | उद्वेग |
होरा
ग्रहों के घंटे: दिन और रात बारह-बारह भागों में, हर भाग का एक स्वामी ग्रह।
| 6:35 am – 7:30 am | बुध |
| 7:30 am – 8:25 am | चंद्र |
| 8:25 am – 9:20 am | शनि |
| 9:20 am – 10:15 am | गुरु |
| 10:15 am – 11:10 am | मंगल |
| 11:10 am – 12:05 pm | सूर्य |
| 12:05 pm – 12:59 pm | शुक्र |
| 12:59 pm – 1:54 pm | बुध |
| 1:54 pm – 2:49 pm | चंद्र |
| 2:49 pm – 3:44 pm | शनि |
| 3:44 pm – 4:39 pm | गुरु |
| 4:39 pm – 5:34 pm | मंगल |
| 5:34 pm – 6:39 pm | सूर्य |
| 6:39 pm – 7:44 pm | शुक्र |
| 7:44 pm – 8:49 pm | बुध |
| 8:49 pm – 9:55 pm | चंद्रअभी |
| 9:55 pm – 11:00 pm | शनि |
| 11:00 pm – 12:05 am, 5 नव॰ | गुरु |
| 12:05 am, 5 नव॰ – 1:10 am, 5 नव॰ | मंगल |
| 1:10 am, 5 नव॰ – 2:15 am, 5 नव॰ | सूर्य |
| 2:15 am, 5 नव॰ – 3:20 am, 5 नव॰ | शुक्र |
| 3:20 am, 5 नव॰ – 4:26 am, 5 नव॰ | बुध |
| 4:26 am, 5 नव॰ – 5:31 am, 5 नव॰ | चंद्र |
| 5:31 am, 5 नव॰ – 6:36 am, 5 नव॰ | शनि |
समय Delhi के अनुसार हैं। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद के समय के साथ तारीख़ दी गई है। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है; चंद्रोदय और चंद्रास्त चंद्रमा के केंद्र के अनुसार हैं।